साहित्य श्री दरबार फाउंडेशन, रीवा

श्री बाँके बिहारी वैदिक प्रशिक्षण संस्थान (आश्रम), रीवा

परिचय

श्री बाँके बिहारी वैदिक प्रशिक्षण संस्थान (आश्रम), रीवा एक प्रतिष्ठित एवं आध्यात्मिक संस्था है, जिसका उद्देश्य वैदिक परंपराओं, सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों तथा भारतीय संस्कृति का संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार करना है। यह संस्थान प्राचीन वैदिक ज्ञान को आधुनिक समाज तक सरल एवं व्यवहारिक रूप में पहुँचाने के लिए समर्पित है।

यह आश्रम विद्यार्थियों, साधकों एवं जिज्ञासुओं को वेद, उपनिषद, भगवद्गीता, पुराण, संस्कार विधि, योग, ध्यान एवं नैतिक जीवन मूल्यों का व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान करता है। संस्थान का विश्वास है कि वैदिक शिक्षा न केवल आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग है, बल्कि यह व्यक्ति के चरित्र निर्माण, मानसिक शांति एवं सामाजिक सद्भाव को भी सुदृढ़ बनाती है।

श्री बाँके बिहारी वैदिक प्रशिक्षण संस्थान में गुरुकुल परंपरा के अनुरूप अनुशासन, सेवा, साधना एवं संस्कारों पर विशेष बल दिया जाता है। यहाँ प्राप्त शिक्षा व्यक्ति को धर्म, कर्तव्य एवं मानवता के मार्ग पर अग्रसर करती है।

संस्थान का ध्येय समाज में धर्म, संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना करना तथा भावी पीढ़ी को सनातन परंपराओं से जोड़ना है।

उद्देश्य एवं ध्येय

उद्देश्य


संस्थान का मुख्य उद्देश्य वैदिक शिक्षा, सनातन धर्म एवं भारतीय संस्कृति का संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार करना है। समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना एवं संस्कारों का विकास करना ही इस आश्रम की मूल प्रेरणा है।

ध्येय

  • वेद, शास्त्र एवं उपनिषदों का व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान करना
  • विद्यार्थियों में सदाचार, अनुशासन एवं सेवा भाव विकसित करना
  • सनातन परंपराओं को आधुनिक पीढ़ी से जोड़ना
  • धर्म, योग एवं ध्यान के माध्यम से मानसिक शांति प्रदान करना

संस्थान की विशेषताएँ

शुद्ध वैदिक एवं गुरुकुल परंपरा पर आधारित शिक्षा

योग, ध्यान एवं साधना का नियमित अभ्यास

अनुभवी एवं विद्वान आचार्यजनों का मार्गदर्शन

भारतीय संस्कृति एवं सनातन मूल्यों का संरक्षण

शांत, आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक वातावरण

संस्कार, अनुशासन एवं सेवा पर विशेष बल

पाठ्यक्रम / प्रशिक्षण विवरण

प्रवेश प्रक्रिया

श्री बाँके बिहारी वैदिक प्रशिक्षण संस्थान (आश्रम), रीवा में प्रवेश प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं मर्यादित है। संस्थान में प्रवेश उन्हीं अभ्यर्थियों को प्रदान किया जाता है जो वैदिक शिक्षा, अनुशासन एवं आध्यात्मिक जीवन में रुचि रखते हों।

प्रवेश प्रक्रिया के चरण

चरण 1:

संस्थान से संपर्क कर प्रवेश संबंधी जानकारी प्राप्त करें।

चरण 2:

प्रवेश आवेदन पत्र भरें एवं आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।

चरण 3:

आवश्यक होने पर अभ्यर्थी से व्यक्तिगत संवाद / साक्षात्कार किया जाएगा।

चरण 4:
गुरुजन की स्वीकृति के पश्चात प्रवेश प्रदान किया जाएगा।

प्रवेश हेतु आवश्यक योग्यताएँ

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